वर्धन ह्यूमन रिसोर्ट ट्रस्ट द्वारा संचालित

MAHARISHI DAYANAND

YOGA TEACHER TRAINING CENTER,BIHAR

(Regd.by Govt of India (Regd.No-31/0005551))

ISO 9001:2015 Certified organization(Certificate No.ISO/QMS/SA2920)

UDYAM-BR-31-0005551

Ministry of MIcro,Smalls Medium Enterprises

APPROVED AICTE : New Delhi

  • 125

    Finished Session

  • 100%

    Satisfiction Rate

  • 30k

    Learners

  • 200

    Online Instructor

MAHARISHI DAYANAND YOGA TEACHER TRAINING CENTER,BIHAR

योग का उद्देश्यः- योग के बारे में जागरुकता बढ़ाने और इस स्थिति (कोविड-19 महामारी) में अपनी जीवन शैली में योग को अपनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करना। योग बौर प्राणायाम भारत ही नहीं अपितु विष्य के सबसे प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जो हमारे षरीर को निरोग बनाने के साथ-साथ जीवनदायिनी है। योग के द्वारा अपने जीवनशैलीके सकारात्म बदलाव के आने से लोग रोगमुक्त होकर अच्छे स्वास्थय का आनंद उठाने है और आगे के भविश्य के माध्यम से ऐसे बदलाव को कायम रखते है। ट्रस्ट द्वारा संचालित योग प्रषिक्षण देकर छात्रों को रोजगार के लिए प्रषिक्ष्रित किया जा रहा है। आज योगा शिक्षक की आवयष्कता दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। लोंगो के जीवनशैलीको परिवर्तन करने और स्वस्थ रहने के लिए योग एक मात्र साधन रह गया है। श्रीमान् भगवद् गीता के अनुसार- योगः कर्मसु कौषलम् (गीता 2/50) प्रशिक्षित लाइब्रेरी अध्यक्षः- आधुनिक समाज में ग्रन्थालयों का उद्देश्यः- किसी भी शिक्षक संस्थान के ग्रन्थालय को षैक्षणिक ग्रन्थालय कहा जाता है। षैक्षणिक ग्रन्थालय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों द्वारा कक्षाओंमें अर्जित ज्ञान को पूर्ण तथा विकसित करना है। उच्च शिक्षा के माध्यम से आधुनिक समात के छात्रों को प्रशिक्षित करना एक सामुदायिक संरचना होती है जिसका मस्तिश्क शिक्षक होता है षरीर विद्यार्थी होते है तथा हृदय ग्रन्थालय होता है। ट्रस्ट के माध्यम से कमजार वर्ग के छात्रों को शिक्षक प्रशिक्षित कर रोतगार के लिए बहाली आती है परन्तु लाइब्रेरी अध्यक्ष, प्रशिक्षित शिक्षक का अभाव रहता है। आधुनिक समाज को प्रशिक्षित करना ट्रस्ट कस मुख्य उद्देश्य है । ब्व्न्त्ैम् ( षरीरिक शिक्षा शिक्षक) उद्देश्यः- आज के समय में युवाओं के पास कई सारे अवसर है जिससे शिक्षा के क्षेत्र में अपना भविश्य बनाना चाहते है। आज शिक्षा के क्षेत्र के क्षेत्र में हर एक विशय के लिए अलग-अलग शिक्षकों की जरुरत होती है ठीक उसी तरह शारिरीक षिक्ष शारिरीक स्वास्थय के लिए भी स्कूल और कॅालेज में एक अलग से शिक्षक की जरुरत होती है। आज के समय में षारिरिक शिक्षा के विशय और खेलकूद के विशय के शिक्षकों की मांग हर स्कूल में बढ़ी है।इस कोर्स मे प्रशिक्षित करने के लिए छात्रों को खेल के विशय योगा ,मानसिक, स्वास्थ्य,षारिरिक स्वास्थय जेैसे विशयों की पढाई की जाती है। ट्रस्ट के माधयम से षिक्षण प्रषिक्षण कराया जाता है। रोजगार के लिए छात्रों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा आवष्यक है। किसी खास उधम के लिए लोगों को तैयार करना ही व्यवसायिक शिक्षा का परम उधेष्य है। व्यवसायिक शिक्षा हमें जाॅब के लिए तैयार करता है। यह छात्रों को प्रशिक्षित कर उन्हे ट्रेनिंग और कौषल प्रदान करता है। सरकारी और गैर सरकारी दोनो तरह के संगठन व्यवसायिक शिक्षा छात्रों को उपलब्ध करा रहे है। व्यवसासिक शिक्षा देश की प्रगति का मेरुदण्ड होता है,जिस पर संपूर्ण देश टिका रहता है। तकनिकी शिक्षा एवं विषिश्ट प्रकार का शिक्षा रुप है जिनका व्यक्ति और समाज के साथ अभिन्न समन्वय है। तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को प्रषिक्षण देकर उनको हुनर सीखा कर आगे बढाया जाता है। तकनीकी शिक्षा को बढाने के लिए हमारे देश मे कई इंजीनियरिंग काॅलेज भी खोले जा रहे हैं।

Students Feedback

BEST YOGA INSTITUTE AND GOOD SERVICES FOR ALL THE MEMBER AWARENESS .

Arlene McCoy

New York, USA

I GOT MY JOB BY DOING DIPLOMA IN ORIENTAL LIBRARIANSHIP THANX MDmdyttcb

Arlene McCoy

New York, USA